"अपनी-अपनी होली"
होली का रंग इतना पवित्र होता है कि, ये हर रिश्ते को प्यार के रंग में रंग देता है। लेकिन होली का आनंद तभी आता है, जब इंसान होली को मानवता की हदों में रह के खेले।
वैसे आज होली का अर्थ काफी बदल चुका है, और बदले भी क्यों न, जब इंसान बदल गया तो होली को भी तो बदलना ही चाहिए। आज न तो राधा का विश्वास है, और न ही कान्हा का प्यार, आज तो हर पिचकारी में रंगों की फुहार की जगह भरा है आपसी तकरार। इन सब के वावजूद होली का हमारे बीच सद्भावना पूर्ण ढंग से बने रहना आज के समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
वैसे आज होली का रंग भले ही कुछ बदरंग सा हो गया हो, पर होली आज भी हम सब के अन्दर पहले की तरह पूरी निष्ठा और विस्वास के साथ है, बस जरुरत है उसे महसूस करने की। आज भी हम सब होली खेलते हैं बस आज की होली सबकी नहीं अपनी - अपनी हो गयी है, इसीलिए सब लोग होली को अपने-अपने ढंग से खेलते हैं। कोई रंग की होली खेलता है, तो कोई गुलाल की, तो कोई घर में बैठ के गुझिया और मिठाई की, कोई पिछली होली की उन तमाम यादों के साथ होली खेलता है जो राधा और कृष्ण की तरह प्यार के रंगों में सराबोर थी। होली तो होली होती है उसमे हम जैसा चाहे वैसा रंग भर सकते हैं।
होली का रंग इतना पवित्र होता है कि, ये हर रिश्ते को प्यार के रंग में रंग देता है। लेकिन होली का आनंद तभी आता है, जब इंसान होली को मानवता की हदों में रह के खेले।
वैसे आज होली का अर्थ काफी बदल चुका है, और बदले भी क्यों न, जब इंसान बदल गया तो होली को भी तो बदलना ही चाहिए। आज न तो राधा का विश्वास है, और न ही कान्हा का प्यार, आज तो हर पिचकारी में रंगों की फुहार की जगह भरा है आपसी तकरार। इन सब के वावजूद होली का हमारे बीच सद्भावना पूर्ण ढंग से बने रहना आज के समाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
वैसे आज होली का रंग भले ही कुछ बदरंग सा हो गया हो, पर होली आज भी हम सब के अन्दर पहले की तरह पूरी निष्ठा और विस्वास के साथ है, बस जरुरत है उसे महसूस करने की। आज भी हम सब होली खेलते हैं बस आज की होली सबकी नहीं अपनी - अपनी हो गयी है, इसीलिए सब लोग होली को अपने-अपने ढंग से खेलते हैं। कोई रंग की होली खेलता है, तो कोई गुलाल की, तो कोई घर में बैठ के गुझिया और मिठाई की, कोई पिछली होली की उन तमाम यादों के साथ होली खेलता है जो राधा और कृष्ण की तरह प्यार के रंगों में सराबोर थी। होली तो होली होती है उसमे हम जैसा चाहे वैसा रंग भर सकते हैं।

2 comments:
good thought...
very nice...
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