राय साहब आज सुबह से बड़े ही सलीके से तैयार हो रहे थे। उनकी तैयारी देख मिसेज राय पूछ बैठी अरे अनिल आखिर क्या बात है आज कुछ ज्यादा ही तैयारी हो रही है। राय साहब मन ही मन मुस्कुरा दिये और कहा, “अरे नीतू क्या बताऊँ आज हमारे नगर के कुछ जागरूक युवाओं द्वारा नशामुक्ति अभियान के तहत एक आयोजन किया जा रहा है, और मुझे उसमें विशिष्ट अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। मुझे उक्त कार्यक्रम में शराब से शरीर को होने वाली हानियों पर भाषण भी देना है।” कहते हुए राय साहब ने आलमारी से काले रंग का एक बेहतरीन सूट निकाल लिया। भोजन करके वे तैयार होकर गंतव्य के लिए चल पड़े।
सभा समय से प्रारंभ हुई। युवाओं की तैयारी देखने लायक थी। लोग एक एक करके भाषण देने लगे। राय साहब की बारी आने पर उन्होनें शराब से शरीर को होने वाली हानियों के बारे में लोगों के बीच एक अच्छा खासा भाषण दिया। लोग उनकी बातों से काफी प्रभावित हुए और उन्होनें तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनके भाषण का ज़ोरदार स्वागत किया। राय साहब को लौटते-लौटते रात हो गई। घर आते ही उनको लगा मानो उनका शरीर टूट सा रहा है। और थकान दूर करने के लिए उन्होनें विदेशी शराब की एक महँगी बोतल से ग्लास में उसे डाल एक ही घूँट में गटक गये। ये देख कर मिसेज राय बोली: अभी तो दूसरों को उपदेश दे के आये हो, कि शराब बुरी लत हैं, ये शरीर को खोखला करके मौत को दावत देती है..... और अब खुद क्या कर रहे हो?
राय साहब बोले: हाँ वो तो ठीक है, पर शराब होती है बहुत काम की। अब तुम सो जाओ कल बात करेंगे। और हाँ सुबह मुझे जल्दी उठा देना। कल मेरा धुम्रपान निषेध पर लखनऊ में भाषण है, तैयारी करनी होगी।

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